meriabhivyaktiya

Just another Jagranjunction Blogs weblog

112 Posts

75 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 24183 postid : 1370693

मै औरत हूँ

Posted On: 26 Nov, 2017 में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

कागज़ पर
ही सही
मैं अपनी
कल्पनाओं के
बादल रचती हूँ
मै औरत हूँ
मै अपना
आसमान खुद
रचती हूँ,,,

घर-गृहस्थी के
कैनवास पर
भी सबकी
खुशियों के
रंग भरती हूँ
मै औरत हूँ
मै अपना
कैनवास रंगीन
रखती हूँ,,

ख्वाब आंखों में,
पर यथार्थ
के चश्में से
सब परखती हूँ
मै औरत हूँ
बड़ी महीन नज़र
रखती हूँ,,

अपनी चंचलता
से जहान को
शोख हसींन
रखती हूँ
मै औरत हूँ
मै फूलों में
खुशबू बन
महकती हूँ,,

नरम दिल ही
सही,हौंसले
बुलंद रखती हूँ
मै औरत हूँ
हर हालात में
जीने का दम
रखती हूँ,,,

लिली ☺



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran